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खरगोश पर हिंदी में निबंध - Essay on rabbit in hindi

खरगोश एक ऐसा जीव है जिसके बारे में हर कोई जानता है। खरगोश नटखट प्रवृति का होता है परंतु अत्यंत ही प्यारा होता है। इस खरगोश नामक जीव पर आज हमने 100 शब्दों, 150 शब्दों, 250 शब्दों, 300 शब्दों और 500 शब्दों का निबंध लिखा है। हम आशा करते हैं कि ये निबंध आपको पसंद आएंगे।

Essay on rabbit in hindi (100 words) / About rabbit in hindi

खरगोश एक प्यारा और नटखट जीव है। खरगोश घर और जंगल दोनों जगह रहता है। खरगोश झुंड में रहना पसंद करता है। जंगल में रहने वाले खरगोश जमीन के अंदर बिल बनाकर रहते हैं। खरगोश विश्व के अधिकतर देशों में पाया जाता है। पालतू खरगोश घर में उछलते कूदते रहते हैं और इसके कारण वे सभी का खूब मनोरंजन करते हैं।



खरगोश के दो बड़े कान, एक पूंछ, दो आंख, चार पैर होते हैं। खरगोश शाकाहारी होता है और ये खाने में केवल फल, सब्जी और अनाज ही खाता है। खरगोश की आयु केवल 8 से 10 वर्ष होती है और रंग मुख्य रूप से सफेद, काला, भूरा या स्लेटी होता है। खरगोश बहुत तेज दौड़ते हैं। इनके शरीर पर मुलायम बाल होते हैं परंतु जन्म के समय इनके शरीर पर कोई भी बाल नहीं होता है।

Essay on rabbit in hindi (150 words) / About rabbit in hindi

खरगोश एक प्यारा जीव होता है। इसको सभी आयु के लोग पसंद करते हैं इसलिए इसे घरों में भी पाला जाता है। यह जंगल में भी पाया जाता है। यह जंगल में जमीन के अंदर बिल बना कर रहता है।

खरगोश पर हिंदी में निबंध - Essay on rabbit in hindi
खरगोश पर हिंदी में निबंध - Essay on rabbit in hindi

खरगोश एक स्तनधारी जीव है जिसकी दो आंखें, लंबे कान, एक नाक और छलांग लगाने के लिए चार पैर होते हैं। इसकी सुनने की क्षमता अद्भुत होती है। इसकी एक छोटी पूंछ भी होती है। इसके कान धीमी आवाज को भी सुनने की क्षमता रखते हैं और इसके कानों की लंबाई 10 सेंटीमीटर तक होती है। इसके शरीर पर मुलायम बाल होते हैं।

खरगोश शाकाहारी जीव है जो भोजन में फल, सब्जी, अनाज खाता है। इसका सबसे पसंदीदा भोजन गाजर होती है। खरगोश सदैव समूह में रहना पसंद करते हैं। खरगोश विश्व के अधिकतर देशों में पाए जाते हैं परंतु दक्षिण अमेरिका में अन्य महाद्वीपों की अपेक्षा इनकी संख्या अधिक है। विश्व में खरगोशों की 300 से अधिक प्रजातियां पाई जाती हैं। खरगोश का जीवनकाल 8 से 10 वर्ष तक होता है।



खरगोश भूरे काले सफेद व स्लेटी रंग के होते हैं। खरगोश 72 किलोमीटर प्रति घंटा तक की गति से दौड़ सकते हैं। खरगोश का गर्भकाल लगभग एक महीने का होता है। मादा खरगोश एक बार में 8 से 12 बच्चे पैदा करती है।

Essay on rabbit in hindi (250 words) / About rabbit in hindi

खरगोश एक प्यारा और नटखट प्राणी है इसलिए लोग इसे घरों में पालना पसंद करते हैं। चंचल प्रवृत्ति होने के कारण यह दिन भर उछलता कूदता रहता है। वैसे तो यह जंगल में रहता है परंतु लोग इसे अपने घरों में भी पालते हैं। यह जंगलों में अपने नाखूनों की सहायता से बिल बना कर रहता है।

खरगोश एक स्तनधारी प्राणी है। इसके चार पैर, एक छोटी सी पूंछ, दो आंखें व एक नाक होती है। खरगोश की आंखें 360° के कोण तक देख सकती हैं। इसका अर्थ यह है कि यह बिना मुड़े अपने पीछे देख सकता है। इसकी सूंघने की शक्ति बहुत अच्छी होती है। इसके कानों की लंबाई 10 सेंटीमीटर तक हो सकती है एवं इसके कानों की सुनने की क्षमता बहुत अच्छी होती है। इसके चार पैर छलांग लगाने में इसकी सहायता करते हैं। एक व्यस्क खरगोश के 28 दांत होते हैं एवं शरीर पर मुलायम बाल होते हैं।

खरगोश एक शाकाहारी जीव है जिसको खाने में फल, सब्जी, अनाज पसंद होता है परंतु गाजर इसका सबसे प्रिय भोजन है। खरगोश को झुंड में रहना पसंद होता है और ये सबसे अधिक संख्या में दक्षिण अमेरिका में पाए जाते हैं।

खरगोश की 300 से अधिक प्रजातियां पाई जाती हैं और इसका जीवनकाल 8 से 10 वर्ष होता है। खरगोश मुख्य रूप से सफेद, काले, स्लेटी व भूरे रंग के होते हैं। खरगोश का वजन इसकी प्रजाति पर निर्भर करता है। खरगोश की गति 72 किलोमीटर प्रति घंटे तक हो सकती है।

खरगोश का गर्भकाल 4 से 5 सप्ताह का होता है। मादा खरगोश एक समय में 8 से 12 बच्चे देती है। इनके बच्चों के शरीर पर जन्म के समय कोई बाल नहीं होते हैं परंतु कुछ समय पश्चात बाल आने शुरू हो जाते हैं।

Essay on rabbit in hindi (300 words) / About rabbit in hindi

खरगोश एक छोटे आकार का प्यारा जानवर होता है। इसे लोग अपने घरों में पालना पसंद करते हैं। खरगोश चंचल प्रवृति का होने के कारण सारे दिन उछलता कूदता रहता है। आमतौर पर यह जंगल में रहता है परंतु लोग इसे अपने घरों में भी पालते हैं। यह जंगल में बिल में रहता है जिसे यह अपने नाखूनों की सहायता से बनाता है।

खरगोश स्तनधारी जीव होता है जो विश्व में सभी जगह पाया जाता है परंतु इनकी सबसे अधिक आबादी दक्षिण अमेरिका महाद्वीप पर रहती है। खरगोश को ऑरिक्टोलेगस कुनिकुलस (Oryctolagus cuniculus) नामक वैज्ञानिक नाम दिया गया है। इसके अलावा ये झुंड में रहना पसंद करते हैं और इनकी 300 से अधिक प्रजातियां पूरे विश्व में पाई जाती हैं।

खरगोश के चार पाऊं और दो बड़े कान जिनकी लंबाई 10 सेंटीमीटर तक होती है। इसकी सुनने की क्षमता बहुत अधिक होती है। खरगोश के 28 दांत होते हैं जिनमें इसके दो सबसे मुख्य दांत ऊपर के जबड़े में होते हैं। इन दो दांतों की विशेषता यह होती है कि यह सदैव बड़ते रहते हैं। खरगोश अपना सिर हिलाए बिना अपने पीछे देखने में सक्षम होता है और खरगोश की नाक धीमी से धीमी गंध को सूंघने में सक्षम होती है। खरगोश की एक छोटी सी पूछ भी होती है। खरगोश के शरीर पर कोमल व मुलायम बाल होते हैं। 

खरगोश एक शाकाहारी जानवर होता है जो अनाज, फल, सब्जी आदि खाना पसंद करता है। इसे खाने में गाजर सबसे ज्यादा पसंद आती है। खरगोश का रंग काला, सफेद या भूरा होता है जब की आयु लगभग 8 से 10 वर्ष होती है। खरगोश का वजन पूर्णतः इसकी प्रजाति पर निर्भर करता है। कुछ प्रजाति के खरगोश आधे किलो से भी कम वजन के होते हैं जबकि कुछ प्रजाति के खरगोशों का वजन 4.5 किलो या उससे अधिक भी होता है। खरगोशों की अधिकतर प्रजातियां 56 किलोमीटर प्रति घंटा तक की गति से दौड़ सकती हैं। हालांकि, कुछ प्रजातियों की गति इससे भी अधिक हो सकती है।

खरगोश का गर्भकाल लगभग 1 महीने का होता है और यह एक बार में 8 से 12 बच्चों को जन्म देते हैं। इनके बच्चों की आंखों को खुलने में 15 दिन का समय लगता है। जब खरगोश के बच्चे पैदा होते हैं तब उस समय उनके शरीर पर बाल नहीं होते हैं परंतु कुछ समय के बाद बाल उगने शुरू हो जाते हैं।

Essay on rabbit in hindi (500 words) / About rabbit in hindi

खरगोश एक प्यारा जानवर होता है जिसके कारण इसे लोग अपने घर में भी पालना पसंद करते हैं। खरगोश को घरों में पालने जाने का एक मुख्य कारण इसका चंचल होना भी है। चंचल प्रवृत्ति होने के कारण यह दिन भर उछलता कूदता रहता है और लोगों का मनोरंजन करता रहता है। वैसे तो यह जंगल में रहता है जहां यह अपने नाखूनों की सहायता से अपने लिए बिल बनाता है और उसी बिल में निवास करता है। 

खरगोश स्तनधारी जीव होते हैं और इसका वैज्ञानिक नाम ऑरिक्टोलेगस कुनिकुलस (Oryctolagus cuniculus) होता है। खरगोश की लगभग 305 प्रजातियां होती हैं और यह विश्व में सभी जगह पाया जाता है। केवल अंटार्टिका ही अकेला ऐसा महाद्वीप है जहां खरगोश नहीं पाए जाते। खरगोश सबसे अधिक संख्या में दक्षिण अमेरिका महाद्वीप पर रहते हैं। 

खरगोश के चार पांव होते हैं जिनसे वह लंबी छलांगे लगा पाता है। खरगोश की दो आंखें, दो बड़े कान, एक छोटी सी पूंछ और एक नाक होती है। खरगोश की आंखें 360° के कोण तक देख सकती हैं अर्थात खरगोश बिना सिर हिलाए अपने पीछे देख सकता है। खरगोश की आंखें मनुष्य की आंखों के मुकाबले अच्छी नहीं होती हैं। खरगोश लाल व हरा रंग नहीं देख सकते हैं। इसके लंबे कान होते हैं जिनकी लंबाई 10 सेंटीमीटर तक हो सकती है। खरगोश के कानों की सुनने की क्षमता अद्भुत होती है जबकि नाक धीमी गंध को सूंघने में सक्षम होती है। खरगोश के 28 दांत होते हैं जिसमें ऊपर वाले जबड़े के दो सबसे बड़े दांत भोजन को कुतरने के लिए काम आते हैं। इन दांतों की विशेषता यह होती है कि ये सदैव बड़ते रहते हैं। 

खरगोश का रंग मुख्य रूप से सफेद, काला और भूरा होता है। यह सामाजिक प्रवृत्ति का होता है इसीलिए यह अन्य खरगोशों के साथ मिलजुल कर रहता है। खरगोश शाकाहारी जानवर होता है और यह फल, सब्जी, घास, पत्ते आदि खाता है। इसका सबसे प्रिय भोजन गाजर होती है जिसे यह बड़े आनंद के साथ खाता है। इसकी एक विशेषता यह भी है कि यह 1 मिनट में 120 बार भोजन को चबाता है। 

एक खरगोश की औसतन आयु 8 से 10 वर्ष की होती है। खरगोश की गति 56 किलोमीटर प्रति घंटा तक हो सकती है परंतु खरगोश की कुछ प्रजातियां ऐसी भी होती हैं जो 72 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से दौड़ सकती हैं। खरगोश का वजन उसकी प्रजाति पर निर्भर करता है। कुछ प्रजाति के खरगोशों का वजन आधा किलो से भी कम होता है और लंबाई भी केवल 20 सेंटीमीटर तक होती है। जबकि कुछ प्रजाति के खरगोशों का वजन 4.5 किलो से अधिक भी होता है और लंबाई में वे 50 सेंटीमीटर तक होते हैं।

मादा खरगोश का गर्भकाल लगभग 1 महीने का होता है और यह एक बार में औसतन 8 से 12 बच्चों को जन्म देती है। खरगोश के बच्चे लगभग 10 दिन तक चलने में असमर्थ होते हैं और उनकी आंखें खुलने में भी लगभग 15 दिन का समय लगता है। जन्म के समय खरगोश के बच्चों के शरीर पर कोई भी बाल नहीं होता है।