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सुनार पर हिंदी में निबंध / Essay on Goldsmith in Hindi

Essay on Goldsmith in Hindi (100 words) / About Goldsmith in hindi

सुनार वे लोग होते हैं जो सोने की धातु से संबंधित कार्य करते हैं। सुनार बहुत बारीकी से किसी भी आभूषण को तैयार करता है और उस आभूषण पर ऐसी कलाकृति करता है जिससे उसे पहनने वाला आकर्षक लगता है।

Essay on Goldsmith in hindi language
Essay on Goldsmith in Hindi

कलाकृति करने के कारण, आभूषण दिखने में और भी ज्यादा आकर्षित लगता है। इसके अलावा आभूषण में रत्न भी जड़े जाते हैं। यह भी आभूषण को आकर्षक बनाने में मदद करते हैं। 

सुनार इसके अलावा कृषि और 7 तरह के व्यापार भी करते हैं। सुनार बहुत ही मेहनती और इमानदार होते हैं और हमेशा अपना कार्य पूरी कर्तव्य निष्ठा के साथ करते हैं। 

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Essay on Goldsmith in hindi language

Essay on Goldsmith in Hindi (300 words) / About Goldsmith in hindi

सोना प्राचीन काल से ही एक कीमती धातु रहा है और आज भी एक कीमती धातु के रूप में अपनी जगह बनाए हुआ है। इससे बने आभूषण आज भी मानव द्वारा उपयोग किए जाते हैं।

जो लोग सोने की धातु से संबंधित कार्य करते हैं उन्हें सुनार या स्वर्णकार कहा जाता है। सुनार बड़ी ही बारीकी से आभूषण को बनाता है एवं आभूषण को एक सुंदर रूप भी प्रदान करता है। इसके कारण आभूषण पहनने वाला बहुत ही आकर्षित लगता है।  

इनके द्वारा सोने और अन्य कीमती धातु जैसे चांदी के आभूषणों पर की गई कलाकृतियां सोने या चांदी के आभूषण के स्वरूप और भी निखार देती है। सोने एवं चांदी के आभूषण पर कलाकृति के अलावा उनमें जड़े हुए रत्न भी बहुत आकर्षित लगते हैं। 

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सुनार इसके अलावा खेती और 7 तरह के अलग-अलग व्यापार भी करते हैं। ये बहुत ही कुशल व्यापारी भी होते हैं और व्यापार को अच्छे से समझते हैं।

किसी भी सुनार को एक उत्कृष्ट सुनार बनने के लिए काफी कड़ी मेहनत करनी पड़ती है। उन्हें टांका लगाना, कास्टिंग, फोर्जिंग, काटने के कार्य और धातु चमकाने के कार्य में निपुण होना आवश्यक है। बिना इन सभी कार्यों में कुशलता पाए कोई भी सुनार एक उत्कृष्ट सुनार नहीं बन सकता है।

सुनार एक आभूषण को बनाने में अपना पूरा ध्यान केंद्रित करता है ताकि आभूषण को एक अच्छा स्वरूप मिल जाए। वे अपनी पूरी मेहनत और ईमानदारी से अपना कार्य करते हैं। यही कारण है कि आज भी लोग अपने आभूषण सुनारों से बेफिक्र होकर बनवाते हैं।

भारत जैसे देश में सुनारों का प्राचीन काल से ही बहुत अधिक महत्व रहा है। प्राचीन काल में राजा महाराजाओं द्वारा सोने के आभूषणों का उपयोग होता आ रहा है। इसके अलावा आम नागरिक भी प्राचीन काल से सोने का उपयोग करते आ रहे हैं। अतः सुनारों का महत्व प्राचीन काल से ही भारत में है।

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